Hindi Tribe
छोटा जवाब
फर्जी कस्टमर केयर नंबर स्कैम में ठग Google सर्च, सोशल मीडिया या नकली वेबसाइट पर अपना नंबर किसी बैंक, ऐप या कंपनी का "हेल्पलाइन" बताकर डालते हैं।
एक नज़र में
करीब 25 मिनट · कठिन · साइबर सुरक्षा के लिए
मुख्य बात 1 / 5
ठगों का तरीका लगभग हर बार एक जैसा होता है:
मुख्य बात 2 / 5
ये संकेत दिखें तो समझ लीजिए कि नंबर या कॉल संदिग्ध है:
मुख्य बात 3 / 5
कंपनी का अपना ऐप: ज़्यादातर बैंक और UPI ऐप में "Help", "Support" या "Contact us" का सेक्शन होता है।
मुख्य बात 4 / 5
गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर Report & Check Suspect नाम की सुविधा है।
मुख्य बात 5 / 5
साइबर ठगी में जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा रुकने की संभावना उतनी ज़्यादा होती है।
काम की टिप
जिन कंपनियों से आप बार-बार काम करते हैं (बैंक, बिजली, गैस), उनके असली नंबर आज ही फोन में सेव कर लें, ताकि परेशानी के समय सर्च न करना पड़े।
सावधान
याद रखें: UPI में पैसे लेने के लिए कभी PIN नहीं डाला जाता।
आप पूछ सकते हैं
कैसे पता करें कि कस्टमर केयर नंबर असली है? नंबर को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप, बिल या पासबुक से मिलाएं। वहां न मिले तो उस पर कॉल न करें।
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