ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत का सबसे तेज़ तरीका है नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करना और साथ ही cybercrime.gov.in पर Register a Complaint → FINANCIAL FRAUD में शिकायत दर्ज करना।
उसी समय अपने बैंक की कस्टमर केयर (कार्ड या पासबुक पर लिखा नंबर) पर कॉल करके फ्रॉड वाला ट्रांजैक्शन बताएं और कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं। जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा रोकने की संभावना उतनी बढ़ेगी।
UPI पर अनजान रिक्वेस्ट मंजूर कर दी, किसी लिंक पर कार्ड डिटेल डाल दी, या “KYC अपडेट” के नाम पर OTP बता दिया और खाते से पैसे कट गए? घबराएं नहीं, लेकिन देर भी न करें। ठगी का पैसा बहुत तेज़ी से एक खाते से दूसरे खाते में भेजा जाता है, इसलिए पहले कुछ घंटों में की गई शिकायत सबसे ज़्यादा काम आती है।
इस गाइड में हम गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और RBI के नियम देखकर बता रहे हैं कि ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत कहां, कैसे और किन सबूतों के साथ करें (अक्टूबर 2026 तक की जानकारी)।
पैसे कटते ही पहले 30 मिनट में क्या करें
- 1930 पर कॉल करें। पोर्टल के अनुसार ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड की रिपोर्ट नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर करें। कॉल पर ट्रांजैक्शन की तारीख, समय, रकम और UTR/रेफरेंस नंबर बताएं।
- बैंक को बताएं। कार्ड के पीछे या बैंक ऐप में दिए आधिकारिक नंबर पर कॉल करें। गूगल पर सर्च करके मिला “कस्टमर केयर नंबर” इस्तेमाल न करें, ये अक्सर ठगों के होते हैं।
- कार्ड, UPI और नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं। बैंक ऐप में कार्ड ब्लॉक करने का विकल्प हो तो खुद भी कर सकते हैं।
- पासवर्ड और PIN बदलें। अगर आपने किसी ऐप या वेबसाइट पर पासवर्ड डाला था, तो उसे तुरंत बदलें।
- स्क्रीन शेयरिंग ऐप हटाएं। अगर ठग के कहने पर AnyDesk, TeamViewer जैसा कोई ऐप इंस्टॉल किया था, तो उसे अनइंस्टॉल करें।
- सबूत सेव करें। SMS, बैंक स्टेटमेंट, चैट और कॉल लॉग का स्क्रीनशॉट ले लें। कुछ भी डिलीट न करें।
cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत कैसे दर्ज करें
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) गृह मंत्रालय का आधिकारिक पोर्टल है। यहां मोबाइल फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, हैकिंग, रैनसमवेयर और क्रिप्टो से जुड़े अपराध, सबकी शिकायत होती है।
- ब्राउज़र में cybercrime.gov.in खोलें। ऊपर हिन्दी चुनकर भाषा बदल सकते हैं।
- मेन्यू में Register a Complaint पर जाएं। पैसों की ठगी के लिए FINANCIAL FRAUD चुनें, बाकी साइबर अपराधों के लिए OTHER CYBER CRIME।
- अपना नाम और चालू भारतीय मोबाइल नंबर डालकर रजिस्टर करें। मोबाइल पर OTP आएगा, जो पोर्टल के FAQ के अनुसार सिर्फ 30 मिनट तक मान्य रहता है।
- सही कैटेगरी और सब-कैटेगरी चुनें, जैसे UPI फ्रॉड, कार्ड फ्रॉड या इंटरनेट बैंकिंग फ्रॉड।
- घटना वाला राज्य/केंद्रशासित प्रदेश चुनें। आपकी शिकायत उसी राज्य की पुलिस के पास जाती है।
- लाल स्टार (*) वाले सभी खाने भरें: क्या हुआ, कब हुआ, कितने पैसे गए, किस खाते या UPI ID पर गए, और ठग का मोबाइल नंबर या वेबसाइट।
- सबूत अपलोड करें और शिकायत सबमिट करें। आपको स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मिलेगा और रजिस्टर्ड मोबाइल व ईमेल पर शिकायत का रेफरेंस नंबर आएगा।
शिकायत नंबर (acknowledgement number) कहीं लिखकर रख लें। बैंक, पुलिस और आगे की हर बातचीत में यही नंबर काम आएगा।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराध
बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री या बलात्कार/गैंगरेप से जुड़ी सामग्री के लिए Women/Children Related Crime सेक्शन है। इसमें Register ANONYMOUSLY से बिना नाम बताए रिपोर्ट कर सकते हैं, या Register & TRACK से शिकायत दर्ज करके उसका स्टेटस देख सकते हैं। पोर्टल खुद सलाह देता है कि हो सके तो Register & TRACK चुनें, ताकि पुलिस ज़रूरत पड़ने पर आपसे संपर्क कर सके।
शिकायत के साथ कौन से सबूत दें
पोर्टल के FAQ के अनुसार ये चीज़ें सबूत के तौर पर काम आती हैं। जितना ज़्यादा और साफ सबूत होगा, पुलिस उतनी तेज़ी से कार्रवाई कर पाएगी:
- बैंक स्टेटमेंट या पासबुक की एंट्री, जिसमें कटे हुए पैसे दिख रहे हों
- ऑनलाइन पेमेंट की रसीद, UTR/ट्रांजैक्शन ID
- क्रेडिट कार्ड की रसीद
- ठग का मोबाइल नंबर और उसका स्क्रीनशॉट
- चैट (WhatsApp, Telegram आदि) के स्क्रीनशॉट
- ईमेल की कॉपी और फर्जी वेबसाइट का URL
- अगर कोई चिट्ठी या पार्सल आया था तो उसका लिफाफा, ब्रोशर या पर्चा
- कोई वीडियो, फोटो या दूसरा दस्तावेज़
शिकायत में सिर्फ सच्ची जानकारी दें। पोर्टल के FAQ के मुताबिक झूठी जानकारी देने पर शिकायत करने वाले पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
बैंक को कब तक बताना ज़रूरी है: RBI का नियम
RBI के ग्राहक सुरक्षा नियम (2017 का सर्कुलर) बताते हैं कि बिना आपकी मंजूरी के हुए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन की जानकारी बैंक को कितनी जल्दी देनी चाहिए:
| बैंक को कब बताया | आपकी ज़िम्मेदारी (जब गलती न आपकी हो, न बैंक की) |
|---|---|
| बैंक का मैसेज मिलने के 3 कामकाजी दिन के अंदर | ज़ीरो लायबिलिटी, यानी आपका नुकसान नहीं |
| 4 से 7 कामकाजी दिन में | सीमित ज़िम्मेदारी, RBI की तय सीमा या ट्रांजैक्शन की रकम, जो कम हो |
| 7 कामकाजी दिन के बाद | बैंक की अपनी बोर्ड-मंज़ूर पॉलिसी के अनुसार |
इसी सर्कुलर के अनुसार, शिकायत मिलने पर बैंक को 10 कामकाजी दिन के अंदर विवादित रकम आपके खाते में अस्थायी रूप से (shadow reversal) डालनी होती है, और 90 दिन के अंदर शिकायत सुलझानी होती है। ध्यान दें, अगर आपने खुद OTP या PIN बताया है तो नुकसान की ज़िम्मेदारी आप पर आ सकती है। फिर भी शिकायत ज़रूर करें, क्योंकि पुलिस ठग के खाते को फ्रीज़ करवा सकती है।
शिकायत का स्टेटस कैसे देखें
- cybercrime.gov.in पर Track your Complaint खोलें और अपना शिकायत नंबर डालें।
- अगर पुलिस से ठीक जवाब न मिले, तो पोर्टल के Contact Us पेज पर हर राज्य के नोडल ऑफिसर और ग्रीवेंस ऑफिसर के नाम, फोन और ईमेल दिए हैं।
- FAQ के अनुसार साइबर क्राइम वाली शिकायत FIR बनने से पहले वापस ली जा सकती है, पर महिलाओं/बच्चों से जुड़ी शिकायत वापस नहीं होती।
ठग का नंबर या वेबसाइट चेक और रिपोर्ट करें
पोर्टल पर Report & Check Suspect का विकल्प भी है। Check Suspect (mobile, email, etc.) में किसी मोबाइल नंबर, ईमेल, बैंक खाते या URL को डालकर देख सकते हैं कि वह पहले किसी साइबर अपराध से जुड़ा है या नहीं। Report Suspect to I4C से संदिग्ध वेबसाइट, WhatsApp नंबर, Telegram हैंडल या SMS हेडर की रिपोर्ट भी कर सकते हैं, भले ही आपके पैसे न गए हों।
पोर्टल पर चेतावनी दी गई है कि I4C, इंटेलिजेंस ब्यूरो और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के नाम से नकली ईमेल भेजे जा रहे हैं। पुलिस या सरकारी अफसर कभी फोन या वीडियो कॉल पर “केस खत्म करने” के लिए पैसे नहीं मांगते। ऐसे डराने वाले कॉल के बारे में हमारी डिजिटल अरेस्ट स्कैम गाइड पढ़ें।
आगे से बचने के आसान नियम
- पैसे लेने के लिए UPI PIN कभी नहीं डालना पड़ता। कोई “पैसे भेज रहा हूं, PIN डालो” कहे तो समझ जाइए कि ठगी है।
- बैंक, बीमा या बिजली विभाग के नाम पर आए लिंक पर क्लिक न करें। नंबर सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट या कार्ड से लें, इस बारे में फर्जी कस्टमर केयर नंबर स्कैम पढ़ें।
- संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करना सीखें: फ्रॉड कॉल की शिकायत कैसे करें।
- UPI पेमेंट फेल होकर पैसा अटका है तो वह फ्रॉड नहीं, तकनीकी दिक्कत हो सकती है: UPI पेमेंट फेल होने पर रिफंड देखें।
साइबर ठगी से बचने की और गाइड हमारे साइबर सुरक्षा सेक्शन में हैं।
FAQ
ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 है। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्ट इसी पर करें।
क्या थाने जाए बिना शिकायत हो सकती है?
हां। cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज होती है और वह आपके चुने हुए राज्य की पुलिस को जाती है। ज़रूरत पड़ने पर पुलिस आपसे संपर्क करेगी।
क्या मेरे पैसे वापस मिलेंगे?
इसकी गारंटी नहीं है, लेकिन जल्दी शिकायत करने पर ठग के खाते में पैसा रोका जा सकता है। बिना आपकी गलती के हुए ट्रांजैक्शन पर 3 कामकाजी दिन में बैंक को बताने पर RBI नियम के तहत ज़ीरो लायबिलिटी मिलती है।
शिकायत का स्टेटस कैसे देखें?
cybercrime.gov.in पर Track your Complaint में अपना शिकायत नंबर डालें। यह नंबर SMS और ईमेल से मिलता है।
क्या शिकायत वापस ली जा सकती है?
पोर्टल के FAQ के अनुसार साइबर क्राइम की शिकायत FIR बनने से पहले वापस ली जा सकती है। महिलाओं/बच्चों से जुड़ी शिकायत वापस नहीं होती।
