संपादकीय नीति

आखिरी अपडेट

हमारा वादा

HindiTribe का हर लेख इसलिए लिखा जाता है ताकि किसी असली इंसान की असली परेशानी हल हो सके, जैसे आधार अपडेट करना, UPI की गड़बड़ी ठीक करना या ऑनलाइन फ्रॉड से बचना। हम सिर्फ सर्च में ऊपर आने के लिए कुछ नहीं लिखते। बिना जांची जानकारी छापने से अच्छा है कि हम कम छापें।

लेख कौन लिखता और जांचता है

HindiTribe.com को Hindi Tribe टीम चलाती है। विषय चुनना, जानकारी जांचना, लिखना और एडिट करना, सब टीम की ज़िम्मेदारी है। अलग से कोई संपादक नहीं है, इसलिए हर लेख को छापने से पहले नीचे दी गई लिखित चेकलिस्ट पास करनी होती है।

अगर कोई और व्यक्ति, जैसे किसी विषय का जानकार, सच में किसी लेख की जांच करता है, तो उसका नाम “जांचकर्ता” के रूप में दिखाया जाता है और यह भी लिखा जाता है कि उसने क्या जांचा। जिसने लेख नहीं जांचा, उसका नाम हम कभी नहीं लगाते।

लेख कैसे बनता है

  • विषय: पाठकों के सवाल, साइट पर की गई सर्च, सर्च डेटा और ऐसी खबरें जिनका असर आम लोगों पर पड़ता है (जैसे नए बैंकिंग या UPI नियम, सरकारी योजना की नई तारीख)।
  • जानकारी जुटाना: सबसे पहले आधिकारिक स्रोत, जैसे सरकारी पोर्टल, RBI, NPCI, बैंक या ऐप कंपनी की हेल्प पेज। देखें: हम जानकारी कैसे जांचते हैं।
  • खुद करके देखना: जहां मुमकिन हो, हम स्टेप अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर करके देखते हैं। जो स्टेप हमने खुद नहीं किए, उन पर साफ लिखा होता है कि वे आधिकारिक जानकारी पर आधारित हैं।
  • लिखना: अपने नोट्स और आधिकारिक स्रोतों से। शब्दों को बेहतर बनाने में AI टूल मदद कर सकते हैं; देखें हमारी AI इस्तेमाल नीति।
  • खुद जांच: नीचे दी गई चेकलिस्ट, जहां हो सके लिखने के अगले दिन, ताज़ा नज़र से।
  • छापना: चेकलिस्ट पास होने के बाद ही। हमारा सिस्टम ऐसा ड्राफ्ट छापने ही नहीं देता जिसमें जांच वाले नोट बाकी हों।

छापने से पहले की चेकलिस्ट

  • हर स्टेप या तो खुद करके देखा गया है, या उस पर लिखा है कि वह आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।
  • वेबसाइट और ऐप के मेन्यू के नाम, फीस, तारीख और नियम उसी दिन आधिकारिक स्रोत से मिलाए गए हैं।
  • जहां किसी स्टेप से पैसे का नुकसान, डेटा खोने या अकाउंट की सुरक्षा का खतरा हो, वहां चेतावनी दी गई है।
  • स्रोतों के लिंक दिए गए हैं, सबसे पहले आधिकारिक स्रोत।
  • स्क्रीनशॉट हमारे अपने हैं, और उनमें निजी जानकारी (नाम, नंबर, आधार, खाता नंबर) छिपाई गई है।
  • हेडलाइन में वही वादा है जो लेख सच में पूरा करता है।
  • एफिलिएट लिंक हों तो यह बात लेख में सबसे ऊपर बताई गई है।

स्रोत

हम मूल और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करते हैं: भारत सरकार और राज्य सरकारों के पोर्टल (जैसे UIDAI, आयकर विभाग, DigiLocker), RBI, NPCI, CERT-In, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in), बैंकों और Google, Samsung, Microsoft, Apple जैसी कंपनियों के आधिकारिक हेल्प पेज। हर लेख में इनका लिंक दिया जाता है।

अपडेट और तारीख

हम लेख के पहली बार छपने की तारीख दिखाते हैं। “अपडेट” की तारीख तभी दिखती है जब कोई ज़रूरी बदलाव हुआ हो (नए स्टेप, नया नियम, नई फीस या किसी गलती का सुधार), और ये बदलाव लेख के अपडेट इतिहास में लिखे जाते हैं। सिर्फ टाइपिंग की गलती सुधारने से तारीख नहीं बदलती। जो गाइड काफी समय से दोबारा नहीं जांची गई, उस पर एक सूचना दिखती है।

स्वतंत्रता

विज्ञापन देने वाले या एफिलिएट पार्टनर हमारे लेख छपने से पहले न देखते हैं, न मंज़ूर करते हैं, और न ही यह तय करते हैं कि हम क्या सलाह दें। देखें हमारी विज्ञापन नीति और मालिकाना हक और आमदनी।

सुरक्षा और प्राइवेसी

हम ऐसी कोई गाइड नहीं छापते जो किसी के अकाउंट में घुसने, सुरक्षा या प्राइवेसी के नियम तोड़ने, पायरेटेड सॉफ्टवेयर चलाने या फर्जी दस्तावेज़ बनाने में मदद करे। जब पाठक ऐसी चीज़ें खोजते हैं, तो हम उनके खतरे बताते हैं और सही, कानूनी तरीका समझाते हैं। फ्रॉड और हैक हुए अकाउंट से जुड़ी गाइड पर कोई विज्ञापन नहीं होता।

गलतियां

गलती किसी से भी हो सकती है। अगर आपको कोई गलती दिखे, तो हमें ज़रूर बताएं। देखें हमारी सुधार नीति।