मेरे नाम पर कितने सिम हैं, यह जानने के लिए दूरसंचार विभाग के पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर Know mobile connections in your name खोलें, अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर और कैप्चा डालें, फिर OTP से लॉगिन करें। आपके नाम पर जारी सभी मोबाइल नंबरों की लिस्ट दिख जाएगी।
कोई नंबर आपका नहीं है तो उस पर This is not my number, और पुराना नंबर अब नहीं चाहिए तो Not required चुनकर Report दबाएं। यही सुविधा Sanchar Saathi ऐप में भी है।
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ठग अक्सर किसी और के आधार या पहचान पत्र पर सिम निकलवाकर उसी नंबर से फ्रॉड कॉल, फर्जी लोन या UPI ठगी करते हैं। जांच होने पर सबसे पहले उसी व्यक्ति का नाम आता है जिसकी ID पर सिम जारी हुई थी। इसलिए समय-समय पर यह देख लेना समझदारी है कि आपकी ID पर कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं।
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने इसके लिए Sanchar Saathi पोर्टल बनाया है। यह गाइड उसी पोर्टल और उसके FAQ को देखकर लिखी गई है (अक्टूबर 2026 तक)।
एक व्यक्ति के नाम पर कितने सिम हो सकते हैं
Sanchar Saathi के FAQ के अनुसार भारत में एक व्यक्ति सभी टेलीकॉम कंपनियों को मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा 9 मोबाइल कनेक्शन ले सकता है। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा 6 है।
अगर किसी के नाम पर इस सीमा से ज़्यादा कनेक्शन हैं, तो सीमा के बाद जो कनेक्शन बाद में चालू हुए थे, उन्हें टेलीकॉम कंपनी बंद कर देती है। यानी पुराने नंबर बचे रहते हैं और ऊपर वाले नए नंबर कटते हैं।
मेरे नाम पर कितने सिम हैं, ऐसे चेक करें (वेबसाइट से)
- फोन या कंप्यूटर के ब्राउज़र में sancharsaathi.gov.in खोलें। एड्रेस बार में देख लें कि पता sancharsaathi.gov.in ही है।
- Citizen Centric Services में Know mobile connections in your name पर टैप करें।
- खुलने वाले पेज पर 10 digit Mobile number वाले खाने में अपना कोई भी चालू नंबर डालें जो आपके नाम पर है।
- तस्वीर में दिख रहे अक्षर Enter Captcha में भरें और Validate Captcha दबाएं।
- उस नंबर पर आया OTP डालें और Login पर टैप करें। OTP न आए तो कुछ देर बाद Resend OTP दबाएं।
- अब आपकी ID पर जारी सभी मोबाइल नंबरों की लिस्ट दिखेगी। हर नंबर ध्यान से पहचानें: अपना, परिवार के लिए लिया हुआ, या बिल्कुल अनजान।
OTP उसी नंबर पर आता है जो आप डालते हैं, इसलिए वह सिम उस समय आपके फोन में चालू होनी चाहिए। यह OTP सिर्फ पोर्टल पर डालें, किसी कॉल करने वाले को कभी न बताएं।
Sanchar Saathi ऐप से चेक करें
पोर्टल के अनुसार Sanchar Saathi का मोबाइल ऐप Google Play Store और Apple App Store दोनों पर मौजूद है। ऐप में भी यही सेवा मिलती है: मोबाइल नंबर से OTP लॉगिन करें, अपने नाम के कनेक्शन देखें और ज़रूरत हो तो रिपोर्ट करें। ऐप सिर्फ ऑफिशियल स्टोर से इंस्टॉल करें। व्हाट्सऐप या SMS में आए किसी लिंक या APK फाइल से “संचार साथी” नाम का ऐप कभी न डालें।
लिस्ट में अनजान नंबर दिखे तो क्या करें
- This is not my number: जब आपने वह सिम कभी ली ही नहीं, यानी किसी ने आपकी ID का गलत इस्तेमाल किया हो।
- Not required: जब नंबर आपने ही लिया था लेकिन अब इस्तेमाल नहीं करते, जैसे पुराना बंद पड़ा नंबर।
- नंबर पर सही विकल्प चुनकर Report बटन दबाएं। रिक्वेस्ट जमा हो जाएगी।
रिपोर्ट किए गए नंबर टेलीकॉम कंपनी के पास दोबारा जांच (re-verification) के लिए भेजे जाते हैं। इसमें सिम चलाने वाले व्यक्ति की फोटो और पहचान पत्र को कंपनी के रिकॉर्ड से मिलाया जाता है। FAQ के अनुसार जांच का समय इस तरह है:
| कदम | समय सीमा (Sanchar Saathi FAQ) |
|---|---|
| आउटगोइंग कॉल बंद | 30 दिन के अंदर |
| इनकमिंग कॉल बंद | 45 दिन के अंदर |
| जांच में फेल होने पर कनेक्शन बंद | 60 दिन के अंदर |
अगर सिम वाला व्यक्ति विदेश (इंटरनेशनल रोमिंग) में है, दिव्यांग है या अस्पताल में भर्ती है, तो इन कामों के लिए 30 दिन और मिल सकते हैं। जिस नंबर की जांच चल रही है, उसे जांच पूरी होने तक दूसरी कंपनी में पोर्ट (MNP) नहीं किया जा सकता। पोर्ट के नियम हमारी सिम पोर्ट कैसे करें गाइड में हैं।
परिवार के किसी सदस्य के लिए ली गई सिम दिखे तो?
कई घरों में पिता के नाम पर बच्चों या पत्नी की सिम चलती है। FAQ के अनुसार मोबाइल कनेक्शन किसी और के नाम पर ट्रांसफर नहीं होता। हां, खून के रिश्ते वालों या कानूनी वारिस के बीच नाम बदला जा सकता है, बशर्ते मौजूदा ग्राहक को आपत्ति न हो। इसके लिए नया ग्राहक फॉर्म (CAF) भरना होता है और नई सिम जारी होती है। इसके लिए अपनी टेलीकॉम कंपनी के स्टोर से संपर्क करें। अगर ऐसी सिम आपकी 9 की सीमा में आ रही है, तो जिसका इस्तेमाल है उसके नाम पर करा लेना बेहतर है।
फर्जी सिम से ठगी हो चुकी हो तो
- सबसे पहले ऊपर बताए तरीके से उस नंबर को This is not my number में रिपोर्ट करें।
- उस नंबर से कोई फ्रॉड कॉल या SMS आया हो तो Sanchar Saathi की Chakshu सेवा में रिपोर्ट करें। तरीका हमारी फ्रॉड कॉल की शिकायत गाइड में है।
- पैसे कट गए हों तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। पूरा तरीका: ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत कैसे करें।
- फोन चोरी हुआ था और उसके बाद सिम गलत हाथों में गई, तो खोया हुआ फोन CEIR पर ब्लॉक करें।
- FAQ के अनुसार फर्जी दस्तावेज़ से सिम लेने वालों के खिलाफ पुलिस शिकायत या FIR दर्ज होती है।
दूरसंचार विभाग या पुलिस के नाम पर कोई कॉल करके कहे कि “आपके आधार पर ली गई सिम से गैरकानूनी काम हुआ है, अभी पैसे भेजो वरना गिरफ्तारी होगी”, तो यह ठगी है। ऐसा कोई सरकारी विभाग फोन पर पैसे या OTP नहीं मांगता। इस तरह की ठगी के बारे में हमारी डिजिटल अरेस्ट स्कैम गाइड पढ़ें। साइबर सुरक्षा की और गाइड साइबर सुरक्षा सेक्शन में हैं।
FAQ
एक आधार पर कितने सिम मिल सकते हैं?
Sanchar Saathi FAQ के अनुसार एक व्यक्ति सभी कंपनियों को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन ले सकता है। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा 6 है।
क्या यह चेक करने के लिए कोई ऐप डाउनलोड करना ज़रूरी है?
नहीं। sancharsaathi.gov.in वेबसाइट पर ब्राउज़र से ही चेक हो जाता है। चाहें तो Play Store या App Store से Sanchar Saathi ऐप भी ले सकते हैं।
Not required पर रिपोर्ट करने से मेरा मुख्य नंबर तो बंद नहीं होगा?
सिर्फ वही नंबर जांच में जाता है जिस पर आपने रिपोर्ट किया है। इसलिए अपने चालू और ज़रूरी नंबर पर गलती से टिक न करें।
रिपोर्ट करने के बाद अनजान नंबर कब बंद होगा?
रिपोर्ट के बाद नंबर की दोबारा जांच होती है। FAQ के अनुसार आउटगोइंग 30 दिन, इनकमिंग 45 दिन में बंद होती है और जांच में फेल होने पर 60 दिन में कनेक्शन कट जाता है।
अगर मेरे नाम पर 9 से ज़्यादा सिम हैं तो क्या होगा?
सीमा से ऊपर जो कनेक्शन बाद में चालू हुए, उन्हें टेलीकॉम कंपनी बंद कर देती है। बेहतर है कि बेकार नंबर खुद Not required में रिपोर्ट कर दें।






