सोना और चांदी अक्टूबर में लगातार सस्ते हुए हैं। IBJA के मुताबिक 23 अक्टूबर को 24 कैरेट (999) सोना ₹1,41,630 प्रति 10 ग्राम रहा, जो 6 अक्टूबर से ₹5,650 कम है। चांदी ₹1,94,415 प्रति किलो पर आ गई। सबसे बड़ी वजहें हैं: महंगा कच्चा तेल, अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें, मज़बूत डॉलर और रिकॉर्ड के बाद मुनाफावसूली।
धनतेरस (6 नवंबर) से ठीक पहले यह गिरावट उन लोगों के लिए बड़ी खबर है जो त्योहार पर गहने या सिक्के खरीदने वाले हैं। नीचे आसान भाषा में समझिए कि दाम कितने गिरे, क्यों गिरे और आने वाले दिनों में किन तारीखों पर नज़र रखनी चाहिए।
सोना-चांदी कितना सस्ता हुआ
| क्या | ताज़ा भाव (23 अक्टूबर 2026) | कितनी गिरावट |
|---|---|---|
| सोना 999 (24 कैरेट), 10 ग्राम, IBJA | ₹1,41,630 | 6 अक्टूबर के ₹1,47,280 से ₹5,650 कम (करीब 3.8%) |
| चांदी 999, 1 किलो, IBJA | ₹1,94,415 | 22 अक्टूबर को MCX पर दिसंबर 2025 के बाद पहली बार ₹2 लाख से नीचे बंद; जनवरी 2026 के रिकॉर्ड से करीब आधी |
| सोना, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार (प्रति औंस) | करीब $4,000 | अक्टूबर में अब तक करीब 6% नीचे, लगभग 3 महीने का सबसे निचला स्तर |
| चांदी, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार (प्रति औंस) | $54 से नीचे | अक्टूबर में अब तक करीब 15% नीचे, नवंबर 2025 के बाद सबसे कम |
IBJA के भाव में 3% GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। आपके शहर के ज्वैलर का भाव इससे थोड़ा अलग होगा। शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टी को IBJA भाव जारी नहीं करता।
दाम गिरने की 5 बड़ी वजहें
1. कच्चा तेल महंगा, महंगाई का डर
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 23 अक्टूबर को करीब $115 प्रति बैरल पहुंच गया, जो इस साल मई के चार साल के ऊंचे स्तर के पास है। तेल महंगा होने से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर है, और महंगाई रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रखते हैं। यही बात सोने-चांदी पर सबसे भारी पड़ रही है।
2. अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ रही हैं
अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिज़र्व ने 16 सितंबर 2026 को ब्याज दर 0.25% बढ़ाकर 3.75% से 4% की रेंज में कर दी, और अपने बयान में कहा कि महंगाई अब भी ऊंची है। जब बैंक जमा और सरकारी बॉन्ड पर अच्छा ब्याज मिलता है, तो निवेशक ऐसे सोने-चांदी से पैसा निकालते हैं जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
3. मज़बूत डॉलर
दुनिया में सोने का भाव डॉलर में तय होता है। डॉलर मज़बूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा पड़ता है, मांग घटती है और भाव नीचे आता है।
4. रिकॉर्ड के बाद मुनाफावसूली
इस साल की शुरुआत में सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर पर थे। ऊंचे दाम पर खरीदने वाले कई निवेशक अब मुनाफा निकाल रहे हैं। बाज़ार रिपोर्टों के मुताबिक टेक और AI कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बाद कुछ निवेशकों ने वहां का घाटा पूरा करने के लिए भी सोना-चांदी बेचा।
5. चांदी पर दोहरी मार: उद्योगों की मांग
चांदी सिर्फ गहनों में नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल जैसे उद्योगों में भी बड़ी मात्रा में लगती है। ब्याज दरें ऊंची होने से कारोबार धीमा पड़ने का डर है, इसलिए चांदी की मांग पर ज़्यादा असर पड़ा। यही कारण है कि इस महीने चांदी, सोने से कहीं ज़्यादा गिरी है।
भारत में गिरावट कम क्यों दिख रही है
- कमज़ोर रुपया: 23 अक्टूबर को रुपया करीब ₹94.8 प्रति डॉलर पर था। रुपया कमज़ोर हो तो डॉलर में सस्ता हुआ सोना भी भारत में उतना सस्ता नहीं होता।
- 15% इंपोर्ट ड्यूटी: सरकार ने 13 मई 2026 से सोने और चांदी के आयात पर कुल ड्यूटी करीब 6% से बढ़ाकर 15% कर दी थी। इसलिए भारत में भाव अंतरराष्ट्रीय भाव से ऊपर बने रहते हैं।
आगे किन तारीखों पर नज़र रखें
- 28 अक्टूबर (भारत में रात करीब 11:30 बजे): फेडरल रिज़र्व की 27–28 अक्टूबर की बैठक का फैसला। दरें फिर बढ़ने या आगे बढ़ने के संकेत से सोने पर दबाव बढ़ सकता है, और नरम संकेत से राहत मिल सकती है।
- 29 अक्टूबर: अमेरिका के महंगाई (PCE) के आंकड़े।
- कच्चे तेल का भाव: पश्चिम एशिया में तनाव घटा और तेल सस्ता हुआ, तो महंगाई का डर कम होगा।
- 6 नवंबर धनतेरस, 8 नवंबर दिवाली: त्योहार की खरीदारी से भारत में गहनों की मांग बढ़ती है।
धनतेरस पर खरीदना है तो ये 3 बातें याद रखें
- खरीदने वाले दिन का भाव IBJA की वेबसाइट (ibjarates.com) पर देखें और ज्वैलर के भाव से मिलाएं। IBJA का भाव GST और मेकिंग चार्ज के बिना होता है।
- गहने पर BIS हॉलमार्क और 6 अंकों का HUID नंबर ज़रूर देखें, और उसे BIS CARE ऐप के “Verify HUID” में जांचें।
- पक्का बिल लें, जिसमें वज़न, कैरेट, HUID, मेकिंग चार्ज और GST अलग-अलग लिखे हों। बाद में बेचने या बदलने में यही बिल काम आता है।
यह खबर जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। सोने-चांदी के भाव रोज़ बदलते हैं और आगे गिरेंगे या चढ़ेंगे, यह कोई पक्का नहीं बता सकता। बड़ी रकम लगाने से पहले किसी SEBI-रजिस्टर्ड सलाहकार से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सोने का भाव क्यों गिर रहा है?
मुख्य वजहें हैं: महंगे कच्चे तेल से महंगाई का डर, अमेरिका में ब्याज दरों का बढ़ना, मज़बूत डॉलर और रिकॉर्ड स्तर के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली।
चांदी सोने से ज़्यादा क्यों गिरी?
चांदी का बड़ा हिस्सा उद्योगों में इस्तेमाल होता है। ऊंची ब्याज दरों से कारोबार धीमा पड़ने का डर है, इसलिए चांदी की मांग पर सोने से ज़्यादा असर पड़ता है और उसका भाव ज़्यादा उछलता-गिरता है।
आज का असली भाव कहां देखें?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) हर कामकाजी दिन सुबह और शाम 999, 995, 916, 750 और 585 शुद्धता वाले सोने और 999 चांदी का भाव ibjarates.com पर जारी करता है। इसमें GST और मेकिंग चार्ज नहीं जुड़े होते।
क्या धनतेरस से पहले सोना और सस्ता होगा?
यह कोई पक्का नहीं बता सकता। 28 अक्टूबर के फेडरल रिज़र्व के फैसले, अमेरिका के महंगाई आंकड़ों और कच्चे तेल के भाव से अगले कुछ दिनों की दिशा तय होगी।
