यूपीआई पेमेंट फेल होने पर अगर खाते से पैसे कट गए, तो ज़्यादातर मामलों में पैसा अपने आप वापस आ जाता है। RBI के नियम के मुताबिक किसी व्यक्ति को भेजा पैसा उसके खाते में न पहुंचे तो रिफंड अगले दिन (T+1) तक, और दुकान या मर्चेंट वाले पेमेंट में 5 दिन (T+5) तक आ जाना चाहिए।
इससे देर होने पर बैंक को हर दिन ₹100 का मुआवज़ा अपने आप देना होता है। पैसा न आए तो UPI ऐप में वह ट्रांज़ैक्शन खोलकर UPI HELP से शिकायत करें, फिर बैंक और ज़रूरत हो तो RBI तक जाएं।
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यहां दिए नियम RBI के 20 सितंबर 2019 वाले सर्कुलर (फेल ट्रांज़ैक्शन पर टर्न अराउंड टाइम और मुआवज़ा) और NPCI की UPI HELP गाइडलाइन से लिए गए हैं, जो अक्टूबर 2026 में दोनों की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध थे। बैंकिंग से जुड़ी बाकी गाइड हमारे बैंकिंग सेक्शन में हैं।
पहले समझें: पेमेंट फेल है, पेंडिंग है या सफल?
UPI ऐप में हर ट्रांज़ैक्शन का स्टेटस रंग और निशान से दिखता है। आगे क्या करना है, यह इसी पर निर्भर करता है:
- Success (हरा, सही का निशान): पैसा आपके खाते से कटा और सामने वाले के खाते में पहुंच गया।
- Pending (पीला/एम्बर, घड़ी का निशान): पैसा प्रोसेस में अटका है और कन्फर्मेशन नहीं आया। ऐसे में दोबारा पेमेंट करने से पहले स्टेटस फाइनल होने दें।
- Failed (लाल, क्रॉस का निशान): किसी तकनीकी दिक्कत से पेमेंट पूरा नहीं हुआ। पैसा कटा है तो वापस आना चाहिए।
पेंडिंग ट्रांज़ैक्शन पर ऐप में Refresh बटन दबाकर ताज़ा स्टेटस देखें। जल्दबाज़ी में दोबारा पेमेंट कर दिया और दोनों पेमेंट सफल हो गए, तो एक पैसा वापस मांगने का झंझट बढ़ जाता है।
यूपीआई पेमेंट फेल होने पर रिफंड कितने दिन में आता है
| क्या हुआ | रिफंड की समय-सीमा | देर होने पर मुआवज़ा |
|---|---|---|
| किसी व्यक्ति को पैसा भेजा, खाते से कटा पर उसके खाते में नहीं पहुंचा | T+1 दिन तक अपने आप वापस | T+1 के बाद हर दिन ₹100 |
| दुकान या ऑनलाइन मर्चेंट को पेमेंट, पैसा कटा पर मर्चेंट को कन्फर्मेशन नहीं मिला | T+5 दिन तक अपने आप वापस | T+5 के बाद हर दिन ₹100 |
यहां T का मतलब है ट्रांज़ैक्शन वाला दिन, और गिनती कैलेंडर के दिनों से होती है। यानी 10 तारीख को पैसा कटा और वह किसी व्यक्ति को भेजा गया था, तो 11 तारीख तक पैसा वापस आ जाना चाहिए। RBI का नियम यह भी कहता है कि मुआवज़ा बैंक को खुद से आपके खाते में देना है, आपकी शिकायत या दावे का इंतज़ार किए बिना।
ये नियम भारत के अंदर होने वाले ट्रांज़ैक्शन पर लागू होते हैं। अगर गलती से गलत व्यक्ति को पैसा भेज दिया और पेमेंट सफल हो गया, तो वह “फेल ट्रांज़ैक्शन” नहीं है; उसके लिए अपने बैंक से संपर्क करना होगा।
UPI HELP से शिकायत कैसे करें
NPCI ने UPI ऐप्स के अंदर UPI HELP नाम की सुविधा दी है, ताकि फेल या पेंडिंग ट्रांज़ैक्शन की शिकायत सीधे ऐप से हो सके। ट्रांज़ैक्शन के 5 मिनट बाद शिकायत की जा सकती है।
- अपने UPI ऐप में Transaction History खोलें।
- जिस पेमेंट में दिक्कत है, उस पर टैप करें।
- ट्रांज़ैक्शन डिटेल के नीचे UPI HELP बटन दबाएं।
- अपनी समस्या से मेल खाता कारण चुनें, जैसे फेल पेमेंट का पैसा वापस नहीं आया, और Confirm दबाएं। कोई कारण फिट न हो तो Others चुनकर लिख सकते हैं।
- शिकायत दर्ज होने पर Complaint Reference Number मिलेगा। इसका स्क्रीनशॉट ले लें।
- बाद में उसी ट्रांज़ैक्शन पर जाकर Check Status से शिकायत का स्टेटस देखें।
UPI HELP में सिर्फ डेबिट यानी पैसा कटने वाले ट्रांज़ैक्शन पर शिकायत होती है; पैसा आने (क्रेडिट) वाले पर नहीं। किसी व्यक्ति को किया गया सफल पेमेंट (P2P success) भी इसमें नहीं आता। मर्चेंट पेमेंट में सामान या सर्विस न मिलने, कैंसल ऑर्डर का पैसा न लौटने या डुप्लीकेट पेमेंट जैसे कारण भी चुन सकते हैं।
आपकी ऐप में UPI HELP न दिखे, तो NPCI के MyUPI पोर्टल पर अपने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर से लॉग इन करके भी UPI ट्रांज़ैक्शन की शिकायत कर सकते हैं और स्टेटस देख सकते हैं।
फिर भी पैसा न आए तो: बैंक और RBI
- अपने बैंक से शिकायत करें: बैंक की आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या ब्रांच से लिखित शिकायत दें और शिकायत नंबर लें। साथ में UTR/ट्रांज़ैक्शन ID, तारीख, रकम और स्क्रीनशॉट रखें।
- 30 दिन तक जवाब का इंतज़ार: RBI के मुताबिक अगर बैंक 30 दिन में जवाब न दे, या उसके जवाब से आप संतुष्ट न हों, तो RBI ओम्बड्समैन के पास शिकायत कर सकते हैं।
- RBI CMS पोर्टल पर शिकायत: cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। RBI का टोल-फ्री नंबर 14448 (IVRS, 24×7) भी है। शिकायत करने या सुलझाने की कोई फीस नहीं है।
रिफंड के नाम पर इंटरनेट पर मिले “UPI कस्टमर केयर” नंबरों पर कॉल न करें। पैसा वापस पाने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की ज़रूरत नहीं होती; PIN सिर्फ पैसा भेजने के लिए डाला जाता है। कोई “रिफंड” के लिए QR स्कैन करने या PIN डालने को कहे, तो समझ जाएं कि वह ठग है।
अगर यह फ्रॉड है, तकनीकी गड़बड़ी नहीं
UPI HELP तकनीकी गड़बड़ी वाले ट्रांज़ैक्शन के लिए है। अगर पैसा आपकी मर्ज़ी के बिना कटा, किसी ने PIN पूछकर पैसा निकाल लिया या आप किसी स्कैम में फंस गए, तो NPCI के मुताबिक सीधे अपने बैंक से संपर्क करें। साथ ही तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। पूरा तरीका हमारी गाइड ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत कैसे करें में है।
शक हो कि किसी और को आपका PIN पता है, तो तुरंत UPI PIN बदलें। खाते में पैसा लौटा या नहीं, यह जानने के आसान तरीके बैंक बैलेंस चेक वाली गाइड में हैं।
FAQ
यूपीआई पेमेंट फेल होने पर पैसा कितने दिन में वापस आता है?
किसी व्यक्ति को भेजे पेमेंट में T+1 दिन तक और मर्चेंट पेमेंट में T+5 दिन तक, जहां T ट्रांज़ैक्शन का दिन है।
देर होने पर क्या मुआवज़ा मिलता है?
RBI के नियम के मुताबिक समय-सीमा के बाद हर दिन ₹100। यह बैंक को बिना शिकायत का इंतज़ार किए खुद आपके खाते में देना होता है।
UPI HELP में शिकायत कब कर सकते हैं?
ट्रांज़ैक्शन के 5 मिनट बाद। शिकायत सिर्फ डेबिट ट्रांज़ैक्शन पर होती है, किसी व्यक्ति को किए गए सफल पेमेंट पर नहीं।
बैंक जवाब न दे तो कहां जाएं?
30 दिन में जवाब न मिले या जवाब ठीक न लगे, तो RBI के CMS पोर्टल cms.rbi.org.in पर शिकायत करें या 14448 पर कॉल करें।
क्या रिफंड के लिए UPI PIN डालना पड़ता है?
नहीं। पैसा लेने के लिए PIN की ज़रूरत नहीं होती। रिफंड के नाम पर PIN डलवाने या QR स्कैन करवाने वाला व्यक्ति ठग है।









