जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन पाने का सही तरीका है कि जन्म के 21 दिन के अंदर उसका रजिस्ट्रेशन हो जाए, तब कोई फीस नहीं लगती। अस्पताल में जन्म हुआ हो तो रिपोर्ट अस्पताल करता है, घर पर हुआ हो तो परिवार को अपने इलाके के रजिस्ट्रार (नगर निगम या पंचायत) को बताना होता है।
कई राज्यों में यह काम भारत सरकार के CRS पोर्टल dc.crsorgi.gov.in पर Login → General Public से ऑनलाइन होता है, जबकि कुछ राज्यों के अपने पोर्टल हैं। रजिस्ट्रेशन मंज़ूर होने के बाद प्रमाण पत्र डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है।
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जन्म प्रमाण पत्र बच्चे का पहला सरकारी दस्तावेज़ है। CRS के FAQ के अनुसार 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे लोगों के लिए जन्म की तारीख और जगह साबित करने में यही प्रमाण पत्र ज़रूरी है: स्कूल एडमिशन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर लिस्ट, शादी का रजिस्ट्रेशन, सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और आधार, सब में।
यह गाइड रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के CRS पोर्टल और उसके FAQ को देखकर लिखी गई है (अक्टूबर 2026 तक)। इसमें 1 अक्टूबर 2026 से लागू देरी वाले रजिस्ट्रेशन के नए नियम भी शामिल हैं। जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाने के नियम पूरे देश में एक कानून से चलते हैं, लेकिन फीस और पोर्टल राज्य के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
जन्म का रजिस्ट्रेशन कौन कराता है
- अस्पताल, नर्सिंग होम या हेल्थ सेंटर में जन्म: वहां के मेडिकल ऑफिसर इन-चार्ज या उनके अधिकृत व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है कि जन्म की रिपोर्ट रजिस्ट्रार को करें। कई बड़े सरकारी अस्पतालों, CHC और PHC में तो रजिस्ट्रेशन यूनिट ही बनी है, जहां से प्रमाण पत्र सीधे मिल जाता है।
- घर पर जन्म: घर के मुखिया, उनके नज़दीकी रिश्तेदार या घर में मौजूद सबसे बड़े व्यक्ति को रजिस्ट्रार को बताना होता है। आशा, ANM या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी यह सूचना दे सकती हैं।
- कहां रजिस्टर होगा: जहां जन्म हुआ, उसी इलाके में। शहर में आम तौर पर नगर निगम या नगरपालिका का हेल्थ ऑफिसर रजिस्ट्रार होता है, और गांव में पंचायत या राज्य का तय किया गया कर्मचारी।
डिलीवरी के बाद अस्पताल से छुट्टी लेते समय ही पूछ लें कि जन्म की रिपोर्ट रजिस्ट्रार को गई या नहीं, और आवेदन या रजिस्ट्रेशन नंबर ले लें। इससे बाद में प्रमाण पत्र ढूंढना आसान रहता है।
CRS पोर्टल से जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन: स्टेप बाय स्टेप
CRS पोर्टल के होमपेज पर अभी (अक्टूबर 2026) लिखा है कि यह इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हुए जन्म के लिए खुला है: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, असम, आंध्र प्रदेश, गोवा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़, पुडुचेरी, तेलंगाना (GHMC), दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड और पूर्वोत्तर के कई राज्य। सूची बदल सकती है, इसलिए पोर्टल पर एक बार देख लें।
- ब्राउज़र में dc.crsorgi.gov.in खोलें। पते में crsorgi.gov.in ज़रूर देखें।
- ऊपर दाईं तरफ Login पर टैप करें और General Public चुनें।
- पहली बार हैं तो अपने नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और राज्य जैसी जानकारी से अकाउंट बनाएं, फिर उसी से लॉगिन करें।
- जन्म की घटना दर्ज करने वाला फॉर्म खोलें और बच्चे की जन्मतिथि, समय, जगह, लिंग, माता-पिता के नाम, पता और जन्म अस्पताल में हुआ या घर पर, यह जानकारी भरें।
- मांगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें, जैसे अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप या जन्म का सबूत और माता-पिता के पहचान पत्र। कागज़ों की फोटो को एक साफ PDF बनाना हो तो हमारा JPG से PDF टूल काम आएगा।
- फॉर्म जमा करें और आवेदन नंबर नोट कर लें। रजिस्ट्रार जांच के बाद रजिस्ट्रेशन मंज़ूर करता है।
- मंज़ूरी के बाद लॉगिन करके प्रमाण पत्र डाउनलोड करें या रजिस्ट्रार ऑफिस से प्रिंट लें। कानून के तहत सूचना देने वाले को एक कॉपी मुफ्त मिलती है, ज़्यादा कॉपी फीस देकर।
अगर आपका राज्य ऊपर की सूची में नहीं है, तो जन्म प्रमाण पत्र आपके राज्य या नगर निगम के अपने पोर्टल से, या सीधे जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के दफ्तर से बनता है। सही पोर्टल अपने नगर निगम या ज़िले की आधिकारिक .gov.in वेबसाइट से ही खोजें।
21 दिन बीत गए? देर से रजिस्ट्रेशन के नियम
जन्म की सूचना 21 दिन में न दी जाए तो भी रजिस्ट्रेशन होता है, लेकिन जितनी देर, उतनी ज़्यादा औपचारिकता:
| कितनी देर | क्या लगेगा (अक्टूबर 2026 तक) |
|---|---|
| 21 दिन तक | कोई फीस नहीं |
| 21 दिन के बाद, 30 दिन तक | लेट फीस देकर रजिस्ट्रेशन |
| 30 दिन के बाद, 1 साल तक | ज़िला रजिस्ट्रार या तय अधिकारी की लिखित अनुमति, खुद सत्यापित दस्तावेज़ और फीस |
| 1 साल के बाद, 2 साल तक | DM, SDM या DM के अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश, जांच के बाद, फीस के साथ |
| 2 साल से ज़्यादा | प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate First Class) का आदेश, जांच के बाद, फीस के साथ |
1 और 2 साल वाले नियम जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन (संशोधन) अधिनियम, 2026 से आए हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू है। पहले 1 साल के बाद के सभी मामले कार्यकारी मजिस्ट्रेट के पास जाते थे। फीस की रकम राज्य के नियमों से तय होती है, इसलिए अपने रजिस्ट्रार से पूछें। सबसे आसान उपाय यही है कि 21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन करा लें।
बच्चे का नाम बाद में जोड़ना
अक्सर जन्म के समय बच्चे का नाम तय नहीं होता। CRS के FAQ के अनुसार बिना नाम के भी जन्म प्रमाण पत्र बन सकता है। नाम बाद में जुड़वाने के लिए रजिस्ट्रार के पास आवेदन करें: रजिस्ट्रेशन के 12 महीने के अंदर यह मुफ्त है, और उसके बाद तय फीस देकर 15 साल तक नाम जुड़वाया जा सकता है। नाम जुड़ने के बाद नया प्रमाण पत्र लें, क्योंकि स्कूल और पासपोर्ट में नाम वाला प्रमाण पत्र ही चाहिए।
गलती सुधारना और अपील
- सुधार: नाम की स्पेलिंग, माता-पिता का नाम या दूसरी गलती हो तो RBD Act की धारा 15 और राज्य के नियमों के तहत रजिस्ट्रार के पास सुधार का आवेदन करें। सबूत के कागज़ साथ रखें।
- अपील: रजिस्ट्रार के किसी फैसले से असहमत हों तो 30 दिन के अंदर ज़िला रजिस्ट्रार को अपील कर सकते हैं, और ज़िला रजिस्ट्रार के फैसले के खिलाफ मुख्य रजिस्ट्रार को। कानून के अनुसार अपील का फैसला 90 दिन में होना चाहिए।
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से सावधान
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने राज्यों को चेतावनी दी है कि कुछ जगह पोर्टल के लॉगिन का गलत इस्तेमाल करके फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए और आपराधिक केस दर्ज हुए। इसलिए:
- प्रमाण पत्र सिर्फ रजिस्ट्रार, अस्पताल की रजिस्ट्रेशन यूनिट या आधिकारिक पोर्टल से लें।
- “घर बैठे 1 दिन में जन्म प्रमाण पत्र” का दावा करने वाले एजेंट या वेबसाइट से दूर रहें। फर्जी कागज़ बाद में आधार, पासपोर्ट या एडमिशन में पकड़ा जाता है और परेशानी आपकी होती है।
- पुराने साल का जन्म दर्ज कराना है तो ऊपर बताया सही कानूनी रास्ता अपनाएं, शॉर्टकट नहीं।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद उसकी PDF DigiLocker में भी संभालकर रख सकते हैं। बच्चे का पासपोर्ट बनवाना हो तो पासपोर्ट ऑनलाइन अप्लाई गाइड देखें। बाकी सरकारी कामों की गाइड हमारे सरकारी सेवा सेक्शन में हैं।
FAQ
जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाने की फीस कितनी है?
जन्म के 21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन मुफ्त है और सूचना देने वाले को एक कॉपी भी मुफ्त मिलती है। देर से रजिस्ट्रेशन और अतिरिक्त कॉपी की फीस राज्य के नियमों से तय होती है।
अस्पताल में जन्म हुआ तो क्या हमें कुछ करना होगा?
रिपोर्ट करने की ज़िम्मेदारी अस्पताल की है। फिर भी अस्पताल से पुष्टि कर लें और रजिस्ट्रेशन नंबर ले लें, ताकि प्रमाण पत्र समय पर ले सकें।
क्या बिना नाम के जन्म प्रमाण पत्र बन सकता है?
हां। नाम बाद में जुड़वाया जा सकता है, 12 महीने के अंदर मुफ्त और उसके बाद फीस देकर 15 साल तक।
2 साल से पुराने जन्म का प्रमाण पत्र कैसे बनेगा?
1 अक्टूबर 2026 से 2 साल से ज़्यादा पुराने जन्म का रजिस्ट्रेशन प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर, जांच के बाद होता है। इसके लिए अपने रजिस्ट्रार या किसी वकील से प्रक्रिया पूछें।
मेरा राज्य CRS पोर्टल पर नहीं है तो क्या करूं?
आपके राज्य या नगर निगम का अपना पोर्टल होगा, या आप सीधे जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के दफ्तर में आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल का पता सिर्फ आधिकारिक .gov.in वेबसाइट से लें।









