क्यूआर कोड स्कैम (QR Code Scam): पैसे लेने के लिए QR कभी स्कैन न करें

क्यूआर कोड स्कैम में ठग आपको कहते हैं कि “पैसे भेजने हैं, यह QR स्कैन करो और PIN डालो”। असल में वह QR उनके खाते में पेमेंट का होता है और PIN डालते ही पैसा आपके खाते से कट जाता है।

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Cover image: "Qr Code Scam" (साइबर सुरक्षा guide)

किस पर लागूआसान10 मिनट

मुख्य बातें

  • जब कोई आपको पैसे भेजता है, तो वह आपका QR कोड स्कैन करता है या आपकी UPI ID पर पेमेंट करता है।
  • आपने पुराना फर्नीचर, बाइक या फोन ऑनलाइन बेचने के लिए डाला।
  • स्कैन के बाद स्क्रीन पर दिख रहा नाम देखें।
  • दिन में एक-दो बार देख लें कि काउंटर पर लगा QR वही है जो बैंक या पेमेंट ऐप ने दिया था, उसके ऊपर कुछ चिपका तो नहीं।
  • शिकायत का पूरा तरीका हमारी ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत गाइड में है।

क्यूआर कोड स्कैम में ठग आपको कहते हैं कि “पैसे भेजने हैं, यह QR स्कैन करो और PIN डालो”। असल में वह QR उनके खाते में पेमेंट का होता है और PIN डालते ही पैसा आपके खाते से कट जाता है।

याद रखें: NPCI के अनुसार QR कोड स्कैन करना और UPI PIN डालना सिर्फ पैसे भेजने के लिए होता है, पैसे पाने के लिए कभी नहीं। ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

ध्यान दें: HindiTribe एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हम किसी सरकारी विभाग, बैंक, UIDAI या NPCI से जुड़े नहीं हैं। आवेदन, भुगतान और लॉग-इन हमेशा आधिकारिक पोर्टल या ऐप पर ही करें।

QR कोड ने पेमेंट को बहुत आसान बना दिया है: दुकान पर स्कैन किया, रकम डाली, PIN डाला, काम खत्म। लेकिन यही आसानी ठगों के काम भी आती है। ज़्यादातर क्यूआर कोड स्कैम में कोई तकनीकी “हैकिंग” नहीं होती, बस आपको यह यकीन दिला दिया जाता है कि आपको पैसे मिलने वाले हैं।

जानकारी NPCI की फ्रॉड अवेयरनेस पेज, Google Pay की हेल्प पेज और cybercrime.gov.in पर आधारित है (अक्टूबर 2026)।

सबसे ज़रूरी नियम: पैसे पाने के लिए कुछ स्कैन नहीं करना होता

जब कोई आपको पैसे भेजता है, तो वह आपका QR कोड स्कैन करता है या आपकी UPI ID पर पेमेंट करता है। Google Pay की हेल्प पेज के अनुसार पैसे लेने के लिए आप अपना पर्सनल QR कोड दिखाते हैं और भेजने वाला उसे किसी भी UPI ऐप से स्कैन करता है। यानी:

स्थितिकौन स्कैन करेगाUPI PIN कौन डालेगा
आप पैसे भेज रहे हैंआप, सामने वाले का QRआप
आपको पैसे मिल रहे हैंसामने वाला, आपका QRसामने वाला, आप नहीं

अगर पैसे “मिलने” के समय आपके फोन पर PIN मांगा जा रहा है, तो समझ जाइए कि पैसा आपके खाते से जा रहा है। यही एक नियम ज़्यादातर क्यूआर कोड स्कैम से बचा लेता है।

क्यूआर कोड स्कैम के 5 आम तरीके

1. ऑनलाइन सामान बेचने वालों के साथ “एडवांस पेमेंट” ठगी

आपने पुराना फर्नीचर, बाइक या फोन ऑनलाइन बेचने के लिए डाला। “खरीदार” तुरंत सौदा पक्का कर लेता है, बिना देखे, बिना मोलभाव। फिर कहता है कि वह फौज या किसी कंपनी में है और एडवांस भेज रहा है, बस “यह QR स्कैन करके कन्फर्म कर दीजिए”। स्कैन करते ही रकम भरी हुई आती है और PIN डालते ही पैसा आपके खाते से उसके पास चला जाता है। कई बार वह “गलती से ज़्यादा चला गया, बाकी लौटा दो” कहकर दोबारा फंसाता है।

2. इनाम, कैशबैक या रिफंड वाला QR

WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया पर संदेश आता है: “आपने ₹5,000 का कैशबैक जीता है, QR स्कैन करें”। NPCI भी चेतावनी देता है कि अनजान लोग लिंक या QR भेजकर इनाम का लालच देते हैं और बदले में UPI PIN डलवाते हैं। कोई भी असली कैशबैक या रिफंड आपसे PIN नहीं मांगता।

3. दुकान पर नकली QR स्टिकर

कुछ जगहों पर ठग दुकान, पार्किंग, पेट्रोल पंप या दान-पेटी के असली QR के ऊपर अपना QR चिपका देते हैं। ग्राहक पैसा भेजता है, लेकिन वह दुकानदार की जगह ठग के खाते में जाता है। ग्राहक और दुकानदार, दोनों का नुकसान होता है।

4. QR से नकली वेबसाइट या ऐप (Quishing)

हर QR पेमेंट का नहीं होता, कुछ किसी वेबसाइट का लिंक खोलते हैं। ठग पोस्टर, ईमेल, कूरियर स्लिप या “बिजली बिल बकाया” जैसे नोटिस पर QR देकर आपको नकली बैंक या सरकारी वेबसाइट पर ले जाते हैं, जहां कार्ड नंबर, OTP या पासवर्ड मांगा जाता है। कुछ QR सीधे APK फाइल डाउनलोड करवाते हैं, जिससे फोन पर कब्ज़ा हो सकता है। इसके बारे में हमारी एपीके फाइल फ्रॉड गाइड पढ़ें।

5. “गलती से पैसे भेज दिए, वापस कर दो”

कोई फोन करके कहता है कि उसने गलती से आपको पैसे भेज दिए हैं और लौटाने के लिए एक QR भेजता है। पहले अपने बैंक ऐप में खुद चेक करें कि सच में पैसा आया है या नहीं। सिर्फ SMS या स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें, ये नकली भी हो सकते हैं। ज़रूरत हो तो बैंक के ज़रिए ही लौटाएं।

QR स्कैन करने से पहले ये 6 बातें जांचें

  • स्कैन के बाद स्क्रीन पर दिख रहा नाम देखें। दुकान का नाम या जिसे पैसे भेजने हैं उसका नाम न हो, तो आगे न बढ़ें।
  • रकम पहले से भरी हुई आए और आपने वह रकम तय नहीं की, तो रुक जाएं।
  • पैसे पाने के नाम पर PIN मांगा जाए तो उसी समय पेमेंट रद्द करें।
  • QR से कोई वेबसाइट खुले तो उसका पता (URL) ध्यान से पढ़ें। बैंक या सरकारी काम के लिए उसकी ऑफिशियल वेबसाइट खुद टाइप करके खोलें।
  • QR से कोई ऐप या APK डाउनलोड न करें। ऐप सिर्फ Play Store या App Store से लें।
  • दुकान पर QR के ऊपर दूसरा स्टिकर चिपका दिखे या कटा-फटा लगे, तो दुकानदार से UPI ID या नाम पूछकर कन्फर्म करें।

Google Pay में पेमेंट के लिए Scan any QR code पर टैप करके रिसीवर का QR स्कैन किया जाता है। स्कैन के बाद PIN डालने से पहले कुछ सेकंड रुककर नाम और रकम पढ़ने की आदत डालें। ज़्यादातर ठगी उसी जल्दबाज़ी में होती है।

दुकानदार अपने QR को कैसे सुरक्षित रखें

  • दिन में एक-दो बार देख लें कि काउंटर पर लगा QR वही है जो बैंक या पेमेंट ऐप ने दिया था, उसके ऊपर कुछ चिपका तो नहीं।
  • QR स्टैंड को ऐसी जगह रखें जहां वह आपकी नज़र में रहे।
  • पेमेंट की पुष्टि ग्राहक के फोन की स्क्रीन देखकर नहीं, अपने साउंड बॉक्स, SMS या ऐप में आए क्रेडिट से करें।
  • QR दोबारा छपवाना हो तो अपने बैंक या पेमेंट ऐप से ही डाउनलोड करें।

हमारा फ्री QR कोड जनरेटर दुकान का वेबसाइट लिंक, WhatsApp नंबर या विजिटिंग कार्ड जैसी चीज़ों का QR बनाता है, UPI पेमेंट लेने वाला QR नहीं। पेमेंट वाला QR हमेशा अपने बैंक या UPI ऐप से ही लें।

क्यूआर कोड स्कैम में पैसा कट जाए तो तुरंत क्या करें

  1. देर न करें। तुरंत 1930 (नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा रोके जाने की संभावना उतनी बढ़ती है।
  2. cybercrime.gov.in पर Register a Complaint में Financial Fraud चुनकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  3. अपने बैंक को भी तुरंत बताएं। बैंक का नंबर सिर्फ कार्ड के पीछे, पासबुक या बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट से लें, Google सर्च से नहीं।
  4. सबूत संभाल कर रखें: ट्रांज़ैक्शन ID, UPI ID, ठग का नंबर, चैट और QR की फोटो। इन्हें डिलीट न करें।
  5. अगर ठग को PIN या OTP बता दिया है, तो तुरंत UPI PIN बदलें। तरीका हमारी यूपीआई पिन गाइड में है।

शिकायत का पूरा तरीका हमारी ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत गाइड में है। गलती से किसी और को UPI पेमेंट चला गया हो, तो गलत यूपीआई ट्रांसफर पढ़ें। फ्रॉड के बाद “पैसा वापस दिलाने” का दावा करने वाले नकली हेल्पलाइन नंबर भी बहुत हैं, उनसे बचने के लिए फर्जी कस्टमर केयर नंबर वाली गाइड ज़रूर देखें।

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ऑनलाइन सुरक्षा की और गाइड हमारे साइबर सुरक्षा सेक्शन में हैं।

FAQ

क्या पैसे पाने के लिए QR कोड स्कैन करना पड़ता है?

नहीं। NPCI के अनुसार QR स्कैन करना और UPI PIN डालना सिर्फ पैसे भेजने के लिए होता है। पैसे पाने के लिए सामने वाला आपका QR स्कैन करता है।

QR स्कैन करने भर से खाते से पैसे कट सकते हैं?

सिर्फ स्कैन करने से UPI पेमेंट नहीं होता, पैसा तब जाता है जब आप UPI PIN डालते हैं। लेकिन QR से खुली नकली वेबसाइट पर जानकारी डालने या APK इंस्टॉल करने से नुकसान हो सकता है।

क्यूआर कोड स्कैम की शिकायत कहां करें?

तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर Financial Fraud श्रेणी में शिकायत दर्ज करें। अपने बैंक को भी उसी समय बताएं।

नकली QR कैसे पहचानें?

स्कैन के बाद दिखने वाला नाम दुकान या व्यक्ति से मेल न खाए, रकम पहले से भरी हो, या QR के ऊपर दूसरा स्टिकर चिपका हो, तो वह संदिग्ध है।

ऑनलाइन सामान बेचते समय खरीदार QR भेजे तो क्या करें?

उसे स्कैन न करें। खरीदार से कहें कि वह आपकी UPI ID या आपके QR पर पेमेंट करे, और पैसा अपने बैंक ऐप में आने के बाद ही सामान दें।

Sources

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