बैंक केवाईसी ऑनलाइन करने के लिए अगर आपकी जानकारी (नाम, पता वगैरह) में कोई बदलाव नहीं है, तो RBI के नियम के अनुसार बैंक में रजिस्टर्ड ईमेल, मोबाइल नंबर, ATM, नेट बैंकिंग, बैंक के मोबाइल ऐप या चिट्ठी से एक सेल्फ-डिक्लेरेशन (खुद की घोषणा) देना काफी है। इसके लिए ब्रांच जाना ज़रूरी नहीं।
सिर्फ पता बदला है, तो भी इन्हीं तरीकों से नया पता बता सकते हैं। दस्तावेज़ बदल गए हों या पुराने मान्य न हों, तो नई KYC उसी बैंक की किसी भी ब्रांच में, या बैंक दे तो वीडियो KYC (V-CIP) से होती है।
ध्यान दें: HindiTribe एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हम किसी सरकारी विभाग, बैंक, UIDAI या NPCI से जुड़े नहीं हैं। आवेदन, भुगतान और लॉग-इन हमेशा आधिकारिक पोर्टल या ऐप पर ही करें।
“आपका KYC पेंडिंग है, खाता बंद हो जाएगा”, ऐसा मैसेज या चिट्ठी आते ही बहुत लोग घबरा जाते हैं और लाइन में लगने ब्रांच पहुंच जाते हैं। कुछ लोग इसी डर में किसी ठग के लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं। असल में RBI ने री-केवाईसी (Re-KYC) को काफी आसान बना दिया है, और ज़्यादातर ग्राहकों के लिए यह घर बैठे हो जाता है।
Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं (नए टैब में खुलेगा)
यह गाइड RBI के KYC FAQ (जून 2025 वाला वर्ज़न), जून 2025 के KYC संशोधन निर्देश और RBI की प्रेस रिलीज़ देखकर लिखी गई है (अक्टूबर 2026 तक)। हर बैंक के ऐप और नेट बैंकिंग में मेन्यू के नाम अलग होते हैं, इसलिए वह हिस्सा अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप में देखें।
KYC और री-केवाईसी क्या है, और बैंक बार-बार क्यों मांगता है
KYC यानी Know Your Customer, वह प्रक्रिया जिससे बैंक आपकी पहचान और पता जांचता है। खाता खोलते समय यह एक बार होता है। लेकिन RBI के अनुसार बैंक को समय-समय पर आपकी जानकारी अपडेट करनी होती है, इसे पीरियॉडिक अपडेशन या री-केवाईसी कहते हैं। कितने समय बाद, यह बैंक की तय की हुई आपकी रिस्क कैटेगरी पर निर्भर करता है:
| ग्राहक की रिस्क कैटेगरी | री-केवाईसी कम से कम कितने समय में |
|---|---|
| हाई रिस्क | हर 2 साल में |
| मीडियम रिस्क | हर 8 साल में |
| लो रिस्क | हर 10 साल में |
RBI के FAQ के मुताबिक बैंक को आपकी रिस्क कैटेगरी बताना ज़रूरी नहीं है। बैंक अपनी पॉलिसी में इससे जल्दी अपडेट मांग सकता है, या कुछ मामलों में ब्रांच आने को कह सकता है। इसलिए बैंक का नोटिस ध्यान से पढ़ें।
बैंक केवाईसी ऑनलाइन करने के तरीके: आपकी स्थिति के हिसाब से
| आपकी स्थिति | क्या देना है | कहां से कर सकते हैं |
|---|---|---|
| जानकारी में कोई बदलाव नहीं | सिर्फ सेल्फ-डिक्लेरेशन | रजिस्टर्ड ईमेल/मोबाइल, ATM, नेट बैंकिंग, बैंक का ऐप, चिट्ठी, या किसी भी ब्रांच में |
| सिर्फ पता बदला है | नए पते के साथ सेल्फ-डिक्लेरेशन | ऊपर वाले तरीके। बैंक दो महीने के अंदर नया पता जांचता है |
| नाम या दूसरी जानकारी बदली, या पुराने दस्तावेज़ अब मान्य नहीं | नया मान्य दस्तावेज़ (OVD) और PAN | किसी भी ब्रांच में, Aadhaar OTP वाला e-KYC, या वीडियो KYC (V-CIP), जहां बैंक यह सुविधा देता हो |
RBI की 2023 की प्रेस रिलीज़ के अनुसार नई KYC तब ज़रूरी होती है जब बैंक के रिकॉर्ड वाले दस्तावेज़ आज की मान्य सूची में न हों या उनकी वैधता खत्म हो गई हो। अगर आपके दस्तावेज़ में कोई बदलाव हुआ है (जैसे नया पता या नाम), तो RBI के FAQ के अनुसार बदलाव के 30 दिन के अंदर बैंक को नया दस्तावेज़ देना चाहिए।
कौन से दस्तावेज़ मान्य हैं (OVD)
- पासपोर्ट
- ड्राइविंग लाइसेंस
- आधार नंबर होने का प्रमाण (जैसे आधार कार्ड या e-Aadhaar)
- चुनाव आयोग का वोटर आईडी कार्ड
- राज्य सरकार के अधिकारी के हस्ताक्षर वाला NREGA जॉब कार्ड
- नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) का पत्र
- इनके साथ PAN कार्ड या उसका e-PAN, या PAN न हो तो फॉर्म 60
आधार या वोटर आईडी की डिजिटल कॉपी चाहिए तो आधार कार्ड डाउनलोड और DigiLocker वाली गाइड देखें। वीडियो KYC में DigiLocker के दस्तावेज़ भी इस्तेमाल हो सकते हैं।
सेल्फ-डिक्लेरेशन से री-केवाईसी: आम तौर पर कैसे होता है
हर बैंक का तरीका थोड़ा अलग है, पर कदम लगभग ऐसे होते हैं:
- बैंक का आधिकारिक मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग खोलें। ऐप सिर्फ Play Store या App Store से, बैंक की वेबसाइट पर दिए लिंक से ही इंस्टॉल करें।
- सर्विस या प्रोफाइल वाले सेक्शन में Re-KYC, KYC Update या Periodic KYC जैसा विकल्प ढूंढें।
- “जानकारी में कोई बदलाव नहीं” वाला विकल्प चुनें। पता बदला है, तो नया पता भरें।
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया OTP डालकर पुष्टि करें। यह OTP सिर्फ बैंक के अपने ऐप या वेबसाइट में डालें, किसी कॉल करने वाले को नहीं।
- सबमिट करने के बाद बैंक आपको पावती (acknowledgement) देगा, और रिकॉर्ड अपडेट होने पर भी सूचना भेजेगा। RBI के FAQ में ये दोनों बातें बैंक के लिए ज़रूरी बताई गई हैं।
ऐप में यह विकल्प न मिले, तो बैंक की वेबसाइट पर लिखे तरीके से रजिस्टर्ड ईमेल से घोषणा भेजें, या चिट्ठी लिखकर दें। RBI की सूची में ATM भी एक तरीका है, पर यह सुविधा हर बैंक में नहीं होती, इसलिए अपने बैंक से पूछ लें।
वीडियो KYC (V-CIP) से पहले क्या तैयार रखें
V-CIP में बैंक का अधिकारी लाइव वीडियो कॉल पर आपकी पहचान जांचता है, और RBI इसे ब्रांच में आमने-सामने वाली KYC के बराबर मानता है। इसके लिए आधार से जुड़ा मोबाइल (OTP के लिए), असली PAN कार्ड, अच्छी रोशनी, शांत जगह और तेज़ इंटरनेट तैयार रखें। RBI के FAQ के अनुसार आंख झपकाना या मुस्कुराना जैसे खास इशारे करना ज़रूरी नहीं है, और दिव्यांग ग्राहकों की ज़रूरत का ध्यान बैंक को रखना होता है।
ऑनलाइन नहीं हो पा रहा? ये रास्ते भी हैं
- किसी भी ब्रांच: री-केवाईसी सिर्फ अपनी होम ब्रांच में नहीं, उसी बैंक की किसी भी ब्रांच में हो सकती है।
- बैंक मित्र (BC): जून 2025 के RBI निर्देश के अनुसार बैंक के अधिकृत बिज़नेस कॉरेस्पॉन्डेंट के पास भी बायोमेट्रिक e-KYC के बाद सेल्फ-डिक्लेरेशन दिया जा सकता है। BC आपको पावती देगा।
- KYC Identifier (CKYC नंबर): CKYCR से मिला यह नंबर KYC अपडेट में भी काम आ सकता है। इसे ckycindia.in पोर्टल पर देखा जा सकता है।
- बंद (Inoperative) खाता: दो साल से ज़्यादा लेनदेन न होने पर खाता इनऑपरेटिव हो जाता है। उसे चालू कराने के लिए KYC किसी भी ब्रांच में या V-CIP से अपडेट हो सकती है, अगर बैंक V-CIP देता हो।
समय पर KYC न कराई तो क्या होगा
जून 2025 के RBI निर्देश के अनुसार बैंक को ड्यू डेट से पहले कम से कम तीन बार आपको सूचना देनी होती है, जिसमें कम से कम एक बार चिट्ठी से। ड्यू डेट के बाद भी कम से कम तीन रिमाइंडर देने होते हैं, उनमें भी एक चिट्ठी से। बैंकों को यह व्यवस्था 1 जनवरी 2026 तक लागू करनी थी।
लो रिस्क वाले व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए उसी निर्देश में राहत दी गई थी: बैंक उनके सारे लेनदेन चालू रखेगा और KYC ड्यू होने के एक साल के अंदर या 30 जून 2026 तक, जो भी बाद में हो, अपडेट करवाएगा। लेकिन बार-बार नोटिस के बाद भी KYC न कराने पर RBI के FAQ के अनुसार बैंक उचित नोटिस देकर खाता बंद भी कर सकता है। इसलिए नोटिस आते ही काम निपटा लें।
KYC के नाम पर ठगी से कैसे बचें
RBI साफ चेतावनी देता है कि “KYC अपडेट नहीं हुआ, खाता ब्लॉक हो जाएगा” वाले कॉल, SMS या ईमेल और उनमें दिए लिंक ठगों का आम तरीका है। बैंक कभी फोन पर OTP, PIN, पासवर्ड या कार्ड की डिटेल नहीं मांगता, और KYC के लिए कोई ऐप या APK फाइल डाउनलोड करने को नहीं कहता।
- KYC सिर्फ बैंक के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या ब्रांच से करें। मैसेज में आए लिंक पर क्लिक न करें।
- गूगल पर मिला “बैंक हेल्पलाइन नंबर” इस्तेमाल न करें, नंबर पासबुक, कार्ड या बैंक की वेबसाइट से लें। पढ़ें: फर्जी कस्टमर केयर नंबर स्कैम।
- किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप या APK फाइल इंस्टॉल न करें। पढ़ें: एपीके फाइल फ्रॉड।
- अगर पैसे कट गए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत दर्ज करें।
नया खाता खोलना है तो जीरो बैलेंस अकाउंट ऑनलाइन खोलने की गाइड देखें। बैंकिंग की और आसान गाइड हमारे बैंकिंग सेक्शन में हैं।
FAQ
क्या री-केवाईसी के लिए ब्रांच जाना ज़रूरी है?
नहीं, अगर आपकी जानकारी में कोई बदलाव नहीं है या सिर्फ पता बदला है। RBI के अनुसार तब रजिस्टर्ड ईमेल, मोबाइल, ATM, नेट बैंकिंग, ऐप या चिट्ठी से सेल्फ-डिक्लेरेशन काफी है। हां, बैंक अपनी पॉलिसी के तहत कुछ मामलों में ब्रांच बुला सकता है।
री-केवाईसी कितने साल में करानी होती है?
RBI के अनुसार कम से कम हाई रिस्क ग्राहकों के लिए हर 2 साल, मीडियम रिस्क के लिए 8 साल और लो रिस्क के लिए 10 साल में।
क्या दूसरी ब्रांच में KYC हो सकती है?
हां। RBI के FAQ के अनुसार री-केवाईसी उसी बैंक की किसी भी ब्रांच में हो सकती है, सिर्फ होम ब्रांच में नहीं।
KYC न कराने पर खाता बंद हो जाएगा?
बैंक पहले कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजता है। उसके बाद भी KYC न हो, तो RBI के FAQ के अनुसार बैंक उचित नोटिस देकर खाता बंद कर सकता है। इसलिए नोटिस आते ही KYC करा लें।
KYC अपडेट के लिए कॉल आया है, क्या करूं?
कॉल पर कोई जानकारी, OTP या PIN न दें और कोई ऐप न डालें। फोन काटकर बैंक के आधिकारिक ऐप में KYC स्टेटस देखें या ब्रांच से पूछें।









