ब्याज कैलकुलेटर: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज निकालें (Interest Calculator)

यह टूल आपके ब्राउज़र में ही चलता है: आप जो भी लिखते या चुनते हैं, वह कहीं अपलोड नहीं होता।

ब्याज का प्रकार

ब्याज कैलकुलेटर से आप किसी रकम पर साधारण ब्याज (Simple Interest) या चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) निकाल सकते हैं। ऊपर ब्याज का प्रकार चुनें, मूलधन (₹), सालाना ब्याज दर (%) और समय भरें, फिर ब्याज निकालें दबाएं।

उदाहरण: ₹1,00,000 पर 8% सालाना दर से 2 साल का साधारण ब्याज ₹16,000 होगा। यही रकम तिमाही चक्रवृद्धि पर लगभग ₹17,165.94 ब्याज देगी।

उधार का हिसाब, रिश्तेदार से लिया-दिया पैसा, FD या RD का मोटा अनुमान, या स्कूल के गणित के सवाल, सबमें यही दो तरीके काम आते हैं। नीचे हम बताएंगे कि टूल कैसे चलाएं, दोनों फॉर्मूले क्या हैं, कब कौन सा लगता है और बैंक का हिसाब कभी-कभी थोड़ा अलग क्यों आता है।

ब्याज कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें

  1. ब्याज का प्रकार में साधारण ब्याज (Simple Interest) या चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) चुनें।
  2. मूलधन (₹) में असली रकम लिखें, जैसे 100000। कॉमा या ₹ न लगाएं।
  3. सालाना ब्याज दर (%) में साल की दर लिखें, जैसे 8। अगर कोई “महीने का 1 रुपया सैकड़ा” बताए, तो वह साल का 12% होता है।
  4. समय तीन खानों में भरें: समय: साल, समय: महीने और समय: दिन। जो लागू न हो, उसे 0 या खाली छोड़ दें।
  5. चक्रवृद्धि चुना है तो ब्याज कितनी बार जुड़ता है में सालाना, छमाही (साल में 2 बार), तिमाही (साल में 4 बार) या मासिक (हर महीने) चुनें।
  6. ब्याज निकालें दबाएं। ऊपर बड़े अक्षरों में ब्याज दिखेगा, और नीचे टेबल में मूलधन, ब्याज, कुल रकम, समय और फॉर्मूला।

चक्रवृद्धि ब्याज के रिजल्ट में टूल यह भी दिखाता है कि इतने ही समय का साधारण ब्याज कितना होता, ताकि दोनों का फर्क एक नजर में दिख जाए।

साधारण ब्याज का फॉर्मूला और उदाहरण

साधारण ब्याज में ब्याज हमेशा सिर्फ मूलधन पर लगता है। पिछले साल का ब्याज मूलधन में नहीं जुड़ता।

साधारण ब्याज (SI) = P × R × T ÷ 100

  • P = मूलधन (शुरू की रकम)
  • R = सालाना ब्याज दर (%)
  • T = समय, सालों में
  • कुल रकम = P + SI

उदाहरण 1: ₹1 लाख, 8%, 2 साल

SI = 1,00,000 × 8 × 2 ÷ 100 = ₹16,000। कुल रकम = ₹1,16,000। हर साल ₹8,000 ब्याज बनता है, दोनों साल बराबर।

उदाहरण 2: समय साल, महीने और दिन में

मान लीजिए ₹50,000 पर 7% सालाना दर, समय 1 साल 6 महीने 15 दिन। टूल समय को सालों में बदलता है: T = 1 + 6 ÷ 12 + 15 ÷ 365 ≈ 1.5411 साल।

SI = 50,000 × 7 × 1.5411 ÷ 100 ≈ ₹5,393.84। कुल रकम ≈ ₹55,393.84। रिजल्ट पैसे तक (दो दशमलव) गोल करके दिखता है।

चक्रवृद्धि ब्याज का फॉर्मूला और उदाहरण

चक्रवृद्धि ब्याज में तय समय पर बना ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है, और अगली बार ब्याज इस बढ़ी हुई रकम पर लगता है। इसे “ब्याज पर ब्याज” भी कहते हैं।

A = P × (1 + R ÷ (100 × n))^(n × T), और चक्रवृद्धि ब्याज (CI) = A − P

  • A = समय पूरा होने पर कुल रकम
  • n = साल में ब्याज कितनी बार जुड़ता है: सालाना 1, छमाही 2, तिमाही 4, मासिक 12

ऊपर वाले ₹1,00,000, 8%, 2 साल को अलग-अलग तरीकों से देखें:

ब्याज जुड़ने का तरीकाब्याज (2 साल में)साधारण ब्याज से ज्यादा
साधारण ब्याज₹16,000.00—
सालाना (n = 1)₹16,640.00₹640.00
छमाही (n = 2)₹16,985.86₹985.86
तिमाही (n = 4)₹17,165.94₹1,165.94
मासिक (n = 12)₹17,288.79₹1,288.79

ब्याज जितनी बार जुड़ता है, कुल रकम उतनी ज्यादा बनती है। समय लंबा हो तो फर्क तेजी से बढ़ता है: ₹1,00,000 पर 7% से 5 साल का साधारण ब्याज ₹35,000 है, जबकि तिमाही चक्रवृद्धि पर यह लगभग ₹41,477.82 बनता है।

कब साधारण और कब चक्रवृद्धि ब्याज लगता है

  • बैंक FD: ज्यादातर बैंक लंबी FD पर तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज देते हैं, जब तक आप हर महीने या हर तिमाही ब्याज निकालने वाला विकल्प न चुनें। अपनी FD रसीद पर तरीका लिखा होता है।
  • सेविंग्स खाता: RBI के निर्देश के मुताबिक सेविंग्स खाते का ब्याज रोज के बैलेंस (daily product) पर गिना जाता है और तिमाही या उससे कम अंतराल पर खाते में जोड़ा जाता है।
  • EMI वाले लोन: इनमें ब्याज हर महीने घटते बैलेंस पर लगता है। इसके लिए अलग से EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल करें, यह टूल EMI नहीं निकालता।
  • निजी उधार: दोस्त या रिश्तेदार के बीच अक्सर साधारण ब्याज की बात होती है, पर लिखित में तय कर लें कि ब्याज कैसे गिना जाएगा।

RBI के निर्देशों के मुताबिक बैंक जमा का विज्ञापन सिर्फ चक्रवृद्धि “यील्ड” दिखाकर नहीं कर सकते; उन्हें असली साधारण ब्याज दर भी बतानी होती है। इसलिए विज्ञापन में दो अलग प्रतिशत दिखें तो घबराएं नहीं, दोनों का मतलब अलग है।

बैंक का हिसाब ब्याज कैलकुलेटर से अलग क्यों आ सकता है

  • दिन गिनने का तरीका: टूल एक साल को 365 दिन मानता है। कोई संस्था लीप ईयर में 366 दिन या महीने को 30 दिन मानकर गिन सकती है।
  • अधूरी अवधि: 1 साल 6 महीने 15 दिन जैसे समय में बचे दिनों पर कुछ बैंक साधारण ब्याज जोड़ते हैं, जबकि टूल पूरे समय पर एक ही फॉर्मूला लगाता है।
  • टैक्स: FD के ब्याज पर टैक्स लगता है और तय सीमा से ज्यादा ब्याज पर बैंक TDS काट सकता है। टूल टैक्स नहीं घटाता।
  • राउंडिंग: बैंक हर तिमाही ब्याज को पैसे या रुपये में गोल करते हैं, इसलिए कुछ पैसे का फर्क आ सकता है।

इसलिए इस टूल का नतीजा अनुमान है। पक्का आंकड़ा बैंक की रसीद, पासबुक या स्टेटमेंट से ही मिलेगा। खाते का बैलेंस जानना हो तो बैंक बैलेंस कैसे चेक करें वाला गाइड देखें।

मोबाइल और कंप्यूटर पर आम दिक्कतें

  • Android: संख्या में कॉमा, स्पेस या ₹ डालने पर खाना उसे स्वीकार नहीं करता। सिर्फ अंक और दशमलव (.) लिखें।
  • iPhone: कीपैड खुला हो तो ब्याज निकालें बटन छिप सकता है। Done दबाकर कीबोर्ड बंद करें और नीचे स्क्रॉल करें।
  • कंप्यूटर: आखिरी खाना भरकर Enter दबाने से भी हिसाब हो जाता है।
  • तिमाही वाला विकल्प नहीं दिख रहा: ब्याज कितनी बार जुड़ता है सिर्फ चक्रवृद्धि ब्याज चुनने पर दिखता है।
  • साल, महीने और दिन में सिर्फ पूरी संख्या चलती है। 2.5 साल के लिए साल में 2 और महीने में 6 लिखें।

प्राइवेसी और सीमाएं

यह टूल आपके ब्राउज़र में ही हिसाब करता है। आपकी रकम या दर कहीं भेजी या सेव नहीं होती, और कोई लॉगिन नहीं चाहिए।

  • पूरे समय के लिए एक ही दर मानी जाती है; बीच में दर बदलना या बीच में पैसा जमा करना या निकालना इसमें नहीं जुड़ता।
  • हर महीने जमा होने वाली रकम (RD या SIP) के लिए यह टूल नहीं है। निवेश के अनुमान के लिए SIP कैलकुलेटर देखें, जिसमें FD का विकल्प भी है।
  • प्रतिशत से जुड़े दूसरे सवालों के लिए प्रतिशत कैलकुलेटर और बाकी पैसे से जुड़े गाइड बैंकिंग सेक्शन में हैं।

FAQ

साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में मुख्य फर्क क्या है?

साधारण ब्याज हर बार सिर्फ मूलधन पर लगता है। चक्रवृद्धि में बना हुआ ब्याज मूलधन में जुड़ता जाता है और अगली बार उस पर भी ब्याज लगता है, इसलिए लंबे समय में रकम ज्यादा बनती है।

महीने की दर (जैसे 2 रुपया सैकड़ा) डालनी हो तो क्या करें?

टूल सालाना दर मांगता है। महीने की दर को 12 से गुणा करें: 2 रुपया सैकड़ा महीना यानी 2% महीना, यानी 24% सालाना। साधारण ब्याज के लिए यह सीधा सही है।

क्या यह ब्याज कैलकुलेटर FD का सही जवाब देगा?

मोटा अनुमान देगा। चक्रवृद्धि चुनें और बैंक की तरह तिमाही रखें। अधूरे दिनों, राउंडिंग और TDS की वजह से बैंक का आंकड़ा कुछ अलग हो सकता है।

दिनों वाला हिसाब कैसे होता है?

टूल समय को सालों में बदलता है: साल + महीने ÷ 12 + दिन ÷ 365। जैसे 1 साल 6 महीने 15 दिन ≈ 1.5411 साल।

क्या मेरी जानकारी सेव होती है?

नहीं। सारा हिसाब आपके डिवाइस के ब्राउज़र में होता है, कुछ भी सर्वर पर नहीं जाता।

Sources